Theme 14 CSS: theme14-global.css
धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा श्रद्धांजलि कार्यक्रम — ग्राम गुटुहातु, तपकरा - Sunrise Indigenous Social Cultural Heritage
+91 7061075711 / +91 8252294238 sunriseindigenousheritage25@gmail.com
Follow Us

धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा श्रद्धांजलि कार्यक्रम — ग्राम गुटुहातु, तपकरा


दिनांक 09 जून 2026, मंगलवार को Sunrise Indigenous Social Cultural Heritage (SISCH) संस्था के तत्वावधान में ग्राम गुटुहातु (तपकरा) में महान स्वतंत्रता सेनानी, जननायक एवं आदिवासी समाज के गौरव धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी को श्रद्धांजलि अर्पित करने हेतु श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

इस अवसर पर समस्त ग्रामवासियों एवं आसपास के ग्रामीणों और समाजसेवियों ने एकजुट होकर धरती आबा को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए और उनके संघर्ष, त्याग एवं समाज के प्रति समर्पण को स्मरण किया। बिरसा मुंडा जी ने अपने जीवन को आदिवासी समाज के अधिकार, सम्मान, संस्कृति, जल-जंगल-जमीन और सामाजिक चेतना की रक्षा के लिए समर्पित कर दिया। उनका साहस और संघर्ष आज भी समाज के प्रत्येक व्यक्ति, विशेषकर युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

कार्यक्रम का उद्देश्य केवल बिरसा मुंडा जी को श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके विचारों और आदर्शों को वर्तमान पीढ़ी तक पहुंचाना भी था। उपस्थित लोगों ने शिक्षा, सामाजिक एकता, अपनी संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण तथा प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा के प्रति जागरूक रहने का संदेश लिया।

यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम समाज की एकजुटता, अपनी जड़ों से जुड़ाव और महान पूर्वजों के संघर्ष को सम्मान देने का एक भावपूर्ण प्रयास रहा। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी को सच्ची श्रद्धांजलि यही है कि हम उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारें और आने वाली पीढ़ी को एक शिक्षित, जागरूक, संगठित एवं आत्मनिर्भर समाज का मार्ग दिखाएं।


दुलारी बारला जी ने का संबोधित करते हुए कहा- आज हम सभी यहां धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित हुए हैं। बिरसा मुंडा जी हमारे लिए केवल इतिहास का एक महान नाम नहीं हैं, बल्कि वे हमारी अस्मिता, हमारे स्वाभिमान और हमारे संघर्ष की प्रेरणा हैं। उन्होंने अपना जीवन अपने समाज, अपनी संस्कृति और अपनी धरती के सम्मान के लिए समर्पित कर दिया। उनका संघर्ष हमें यह सिखाता है कि परिस्थितियां कितनी भी कठिन क्यों न हों, अपने अधिकार और सम्मान के लिए एकजुट होकर खड़ा होना चाहिए।

आज धरती आबा को याद करते हुए हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम अपनी आने वाली पीढ़ी को शिक्षा से जोड़ेंगे, अपनी भाषा-संस्कृति और परंपराओं को बचाएंगे तथा समाज में एकता और भाईचारे को मजबूत करेंगे। बिरसा मुंडा जी को सच्ची श्रद्धांजलि फूल चढ़ाने से नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने से होगी। आइए, हम सब मिलकर उनके सपनों के एक जागरूक, शिक्षित और संगठित समाज के निर्माण का संकल्प लें।


रोहित तानी जी ने संबोधित करते हुए कहा- धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी का जीवन हमें अपनी जड़ों, अपनी संस्कृति और अपने समाज से जुड़े रहने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कम उम्र में ही अपने लोगों के भीतर जागरूकता और स्वाभिमान की भावना पैदा की तथा अन्याय के विरुद्ध संघर्ष किया। आज हम उनके चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए केवल उनके बलिदान को याद नहीं कर रहे हैं, बल्कि उनके अधूरे सपनों को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी भी स्वीकार कर रहे हैं।

Sunrise Indigenous Social Cultural Heritage (SISCH) का प्रयास है कि हमारी सामाजिक और सांस्कृतिक विरासत आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित और सम्मान के साथ पहुंचे। हमारी संस्कृति, परंपरा, भाषा, प्रकृति और सामुदायिक एकता हमारी पहचान हैं। आज हमें यह प्रण लेना चाहिए कि आधुनिक शिक्षा और विकास के साथ अपनी पहचान को भी मजबूत बनाए रखेंगे। धरती आबा का सपना तभी जीवित रहेगा, जब हमारी नई पीढ़ी शिक्षित भी होगी और अपनी मिट्टी से जुड़ी भी रहेगी। 


सुमित गुड़िया जी ने संबोधित करते हुए कहा- धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा जी ने हमें सिखाया कि एक जागरूक और संगठित युवा समाज की दिशा बदल सकता है। उन्होंने अपने जीवन की चिंता किए बिना अपने समाज के अधिकार और सम्मान के लिए संघर्ष किया। आज की युवा पीढ़ी के लिए उनका जीवन एक ऐसी मशाल है, जो हमें अंधकार से निकलकर शिक्षा, जागरूकता और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ने का रास्ता दिखाती है।

आज हम युवाओं की जिम्मेदारी है कि हम केवल अपने भविष्य के बारे में न सोचें, बल्कि अपने गांव, अपने समाज और अपनी संस्कृति के भविष्य के बारे में भी सोचें। हम शिक्षा को अपनाएं, नशे और सामाजिक बुराइयों से दूर रहें, अपनी संस्कृति और प्रकृति की रक्षा करें तथा समाज को आगे बढ़ाने में अपनी भूमिका निभाएं। बिरसा मुंडा जी के प्रति हमारी सच्ची श्रद्धांजलि तब होगी, जब उनके साहस और स्वाभिमान की भावना हमारे जीवन का हिस्सा बनेगी। आइए, हम सब मिलकर एक शिक्षित, जागरूक, एकजुट और मजबूत समाज के निर्माण का संकल्प लें।

Event Venue

Name

At- Kamda, P.O. - Barda, Torpa , Dist- Khunti, State- Jharkhand, 835227

Locaiton

At- Gutuhatu, ps-Tapkara, Dist- Khunti, Jharkhand-835227

+18274737136

7061075711

Event Expired

Event Info

Event Organizer

  • Name

    Sunrise Indigenous Social Cultural Heritage
  • gg@fgf

    sunriseindigenousheritage25@gmail.com
  • 01875484888

    7061075711
  • Website

    https://sunriseindigenous.org

Stay Updated With Our Work

Subscribe to our newsletter and be a part of our journey.